देवघर के एक पिता ने ठेले पर फल बेचकर बेटी को पढ़ाया बेटी बनी सीए , रहने के लिए घर नही किराए के मकान पर रहते हैं लेकिन कहते हैं और दो बेटा बेटी को फल बेचकर बनाएंगे सीए

देवघर में ठेले पर फल बेचने वाले की बेटी ने किया कमाल अपने मेहनत और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी कोमल जलान बनी चार्टर्ड एकाउंटेंट देवघर में भाड़े के मकान में रहते हैं और पिता देवघर के बजरंगी चोक पर ठेला लगा कर फल बेचते हैं कोमल जलान ने बताया की इंटर तक की पढ़ाई देवघर से किया उसके बाद सीए के लिए कोलकाता चली गई और 2017 में वहां से पढ़ाई शुरु किया 5 साल के दौरान कई तरह के उतार चढ़ाव देखने को मिला आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण माता पिता की आमदनी को देखते हुए खर्च किया और मन में एक दृढ़ संकल्प लिए की माता पिता इतना मेहनत करके हमें पढ़ा रहे हैं तो अच्छा करना है और सीए में बहुत कम छात्र छात्राएं पास करते हैं लेकिन में रात दिन मेहनत किया 17 से 18 घण्टे तक पढ़ाई किया और रिजल्ट आया तो बहुत खुशी हुई कोमल जलान के पिता ने बताया की में ठेला लगा कर फल बेचता हूं रहने के लिए अपना मकान नही है किराए के मकान में रहता हूं लेकिन मेरी बेटी पढ़ने में बहुत अच्छी थी और बेटी ने कहा सीए करना है तो में बेटी को सीए कराने के लिए बहुत संघर्ष किया और बेटी का रिजल्ट आने पर बहुत खुशी हुई और आगे भी दो बेटा बेटी को सीए बनाएंगे कोमल की मां ने बताई की बेटा बेटी सभी एक समान होते हैं मेरी बेटी ने सीए बनके साबित कर दिया जिस प्रकार से हमलोगों ने मेहनत करके कोमल को पढ़ाया और कोमल सीए की परिक्षा पास की तो बहुत खुशी हो रही है हम बाकी लोगो को भी कहना चाहेंगे की अगर बच्चे पढ़ाई करना चाहते हैं तो उसे जरूर पढ़ाना चाहिए एक ठेले वाले ने यह साबित कर दिखाया की कोई भी काम कठिन नही है दृढ़ निश्चय और लगन से काम करने पर सफ़लता जरूर मिलती है |

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